पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
आषाढ़ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, सिद्धार्थि संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़.
आज त्रयोदशी तिथि 04:15 PM तक उपरांत चतुर्दशी. नक्षत्र मूल 10:28 AM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा. वैधृति योग 10:54 PM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग. करण तैतिल 04:15 PM तक, बाद गर 05:19 AM तक, बाद वणिज. आज राहु काल का समय 07:37 AM – 09:16 AM है. आज चन्द्रमा धनु राशि पर संचार करेगा.
आज का विचार
बिना उद्देश्य के जीवन एक बिना पते के लिफाफे की तरह है। और लक्ष्य के साथ जीवन बिना किसी एक्शन के पते के साथ एक लिफाफे की तरह है, जिसे पोस्ट नहीं किया गया है.!!
आज का भगवद् चिंतन
सद्गुणों की सुगंधी
फूलों को कभी इत्र लगाने की आवश्यकता नहीं होती वो अपनी सुगंधी से स्वयं के साथ-साथ समस्त प्रकृति को सुगंधित करते हैं।अपने अच्छे कार्यों के लिए किसी से प्रमाणपत्र की आश मत रखो,आपके अच्छे कर्म ही स्वयं में सर्वश्रेष्ठ प्रमाणपत्र भी हैं। इत्र की सुगंध तो केवल हवा की दिशा में बहती है पर सद्गुणों की सुगंधी वायु के विपरीत अथवा सर्वत्र बहती है।
आपकी प्रशंसा तब नहीं होती जब आप चाहते हैं अपितु तब होती है, जब आप अच्छे कर्म करते हैं। पानी पीने से प्यास स्वतः बुझती है, अन्न खाने से भूख स्वतः मिटती है और औषधि खाने से आरोग्यता की प्राप्ति स्वतः हो जाती है। इसी प्रकार अच्छे कर्म करने से जीवन में श्रेष्ठता आती है और समाज में आपका सम्मान भी स्वतः बढ़ जाता है।